Wednesday, August 10, 2011

एक बातचीत

आज अपने पुराने और सीनियर साथी ओमपाल डुमोलिया से facebook पर चैट की ।  दरअसल ओमपाल जी ने मेरे पिछले ब्लॉग पोस्ट भाषा शिक्षण और विज्ञान  पर टिप्पणी करके अपनी राय दी थी। सारा वार्तालाप इसी के इर्द गिर्द है। मैं सारे वार्तालाप को यही कॉपी करके ज्यों का त्यों पेस्ट कर रहा हूँ। इस वार्तालाप से यह नया विमर्श खुल रहा है । दोस्त लोग अपनी बात से इसे आगे बढ़ा सकते हैं। ओमपाल जी की टिप्पणी इस प्रकार है -
Ompal Dumoliya lekhak shahb lekh bhut hi accha h is trah ke lekhon se pdhne walon ke chkshu kulenge.do baat khna chahta hoon - treeka koi bhi ho skta h yadi kaam kiya jaye, dusri baat bhasha to sandrbh me sekhne ki baat bhi krte h is pr bhi thoda vichar krke baat me kuch jodo bhai taaki hum jaise logon ko bhi nya anubhav mil skega
 ओमपाल डुमोलिया kya haal h bhai
 दलीप वैरागी अच्छा है आप कैसे हैं?
ओमपाल डुमोलिया fine… tu accha likhata h. hame bhi sikha de yaar
दलीप वैरागी कोशिश करता हूँ।  आप लोगों से ही सीखा है ?
ओमपाल डुमोलियाye to bekaar ki baat hai teri mehnat ne yaha tak pahuchaya hai।
दलीप वैरागी ये सब एल लंबे सिलसिले का परिणाम है जो 1994 से 2/519 अरावली विहार अलवर से शुरू हुआ था । जिसका आप सब महत्वपूर्ण हिस्सा हो ।
अभी तो मैं अजमेर हूँ।
ओमपाल डुमोलियाok jab aaye tb batana phon NO 9413688925
दलीप वैरागी मेरा नंबर 9928986983
दलीप वैरागी मैंने मेरे ब्लॉग पोस्ट पर  आपकी टिप्पणी पढ़ी है। आप भाषा को किस संदर्भ मे सीखने की बात कह रहे हैं?
ओमपाल डुमोलियाshabd pddhti vआ sandarbh pddhti me kuch fark hai ya nahi ?
दलीप वैरागी मुझे तो नहीं लगता है ।
ओमपाल डुमोलियाkahani se va shabd se seekhna samaan hai ?
दलीप वैरागी वैसे मैं पहली बार संदर्भ पद्धति के बारे सुन रहा हूँ ? इससे पहले मैंने शैक्षणिक डिसकोर्स मे यह नाम नहीं सुना।
ओमपाल डुमोलिया 'sona' ka arth kya hai ?  gold ya sleep ya kisi ka naam
 दलीप वैरागी 'सोना' के दोनों तीनों अर्थ तो बहुत contrast है । लेकिन एक  ही शब्द जिसका मतलब same सा दिखाई देता है उसके भी संदर्भ गहराई से अलग हो सकते हैं । जैसे 'भूख' शब्द का मतलब एक गरीब व्यक्ति जिसको मुश्किल से दो वक़्त का खाना मिलता  और होगा तथा   डोमिनो या पिज्जा हट मे बैठ कर पिज्जा के लिए बेकरार अमीर के लिए अलग मतलब होगा । 
 ओमपाल डुमोलियाtumne sahi samjha hai ye hi to sandrbh hai. shabd se jyada arth pure vakya me hota hai .
दलीप वैरागी  संदर्भ के बिना शब्द निरा जग का जंजाल है । शब्द अपने आप मे कुछ नहीं होता है। शब्द तिजोरी में रखे सोना या जवाहरात हैं जिंका अपना मुली भी होता है और चमक भी होती है लेकिन उसकी सार्थकता आभूषण में जड़ कर धारण करने में ही होती है।  
ओमपाल डुमोलियाsandarbh shabd hai ya vakya bas yhi mera matlab tha jo tumne kah diya .
दलीप वैरागी  वाक्य भी अधूरा है । पूर्णता तो कहने वाले के आशय को स्पष्ट कर देने वाली उक्ति मे है । वह अनुच्छेद, वाक्य, शब्द या फिर कोई संकेत भर  भी हो सकती है ।
ओमपाल डुमोलियाisliye mai khani ki baat kar raha hun.
 दलीप वैरागी आप सही कह रहे हैं। लेकिन सिर्फ कहानी कह देने से हम कहीं दूसरी विधाओं को नज़रअंदाज़ कर देते हुए लगते हैं । कई बार हमारी विषय वस्तु उनके लोक गीत, ओर उनकी तुकबंदियाँ भी होती हैं।
ओमपाल डुमोलियाyes ho skti hai. keval khani i ki baat nhi aur bhi kuch ho skta h jo tum kh rhe ho.
दलीप वैरागी 22:22 pm
सर मैं खाना खाने जा रहा हु । बाद मे बात करता हूँ।
ओमपाल डुमोलियाok bye ...  acha lga ... thanks ... gud night
दलीप वैरागी गुड नाइट

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